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सबरंग: जो तू मांगे रंग की रंगाई…

इन दिनों कथक नृत्य में तकनीकी पक्ष का बोलबाला ज्यादा दिखता है। चक्कर और पैर के काम से ही कलाकार अपनी उपस्थिति को जताना चाहते हैं। ऐसे में ठहराव, सुकून और चैनदारी कहीं खोता नजर आता है। लेकिन, कथक नृत्यांगना प्रेरणा श्रीमाली के नृत्य को देखकर, एहसास हुआ कि इस तरह की पेशकश के लिए निरंतर साधना और रियाज जरूरी है।

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